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Friday, November 23, 2012

BATA DO JARA.

ज़िन्दगी से शिकायत करूँ तो नही ,किस ख़ुशी में रहूँ कुछ कहो तो जरा 
कौन सुरभित सुमन की प्रशंसा करूँ 
कौन सा चाँद देखूं व्यथा -व्योम में 
कौन सा पथ चलूँ ,कौन मंजिल चुनु 
कौन दीपक जलाऊं तिमिर तम  में
ये सही है कि  मेरी व्यथा   कुछ नही ,   दो घडी दर्द मेरा सहो तो जरा.......

Zindagi se shikayt karun to nhi ,kis khushi me rahun kuchh karo to jara 
Koun surbhit suman ki prashansa karun , kon sa chand dekhun vytha vyom me 
kon sa path chalun , kon manzil chunu , kon dipak jalaun timir tm me 
ye sahi hai ki meri vyatha kuchh nhi , do ghadi dard mera saho to zara..........

4 comments:

  1. वाह उम्दा पंक्तिया गहन भाव
    अरुन शर्मा - www.arunsblog.in
    ये सही है कि मेरी व्यथा कुछ नही , दो घडी दर्द मेरा सहो तो जरा.......

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  2. ये सही है कि मेरी व्यथा कुछ नही , दो घडी दर्द मेरा सहो तो जरा.......

    ....बिलकुल सच...बहुत सुंदर भावपूर्ण अभिव्यक्ति...

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  3. Apne anubhut kiya....kaise aupcharik dhanywad dun is anubhuti ke liye......??????????
    suprabhat...

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