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Thursday, August 6, 2015

तुम कहते हो ये घर मेरा है 
बड़े प्यार से इसे बनाया है
भूकम्प में भी रहेगा अकम्पित
 सारी खुशियाँ मेरी इसमें संचित
ये मेरा घर है
अहम का छोटा सा पौधा तुम में झांक उठता है
घर हँसता है
दीवारें मुस्काती है
फिर तुम चले जाते हो
तुम्हारा बेटा..
ये घर मेरा है कितने प्यार से बनाया है
घर हँसता है , दीवारें फिर मुस्का उठती है -
अरे मूढ़ एक एक कर सभी चले जाओगे
मै ऐसे ही खड़ा रहूँगा! 
हो सकता है तुम से पहले 
या तुम्हारे बाद मै ही चला जाऊँ 
पर 
तुम सब की बातें सुनता रहूँगा .....

ना घर तेरा ना घर मेरा 
दुनिया रैन बसेरा-----------------
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