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Wednesday, June 20, 2012

BAHUT DINO BAAD








बहुत दिनों  बाद आँखें मेरी रोई है 

ख़ामोशी की चिता पर 

यादें तेरी सोयी है 

तुमने सोचा मरघट हो गयी मै तो
तुमने जाना 

अनगढ़  हो गयी मै तो
पर 

इस अनगढ़पन मे भी 

प्यार प्रतिमा तुम्हारी है

तुमने सोचा कब पाया तुमको



मैंने सोचा कब खोया तुमको 

खोने पाने की गुन धुन मे 

नेह लहर लहरायी है......

Bahut dino baad ankhen meri royi hai / khamoshi ki chita pr yaden teri


 soyi hai /  tumne socha mrghat ho gayi mai to / tumne jana angadh ho


\ gayi mai to / pr, is angadhpn me bhi / pyar  pratima tumhari hai/ 


tumne socha kb paya tumko / maine socha kb khoya tumko  / khone 


pane ki gun dhun me  neh lahar lahrayi  hai.......












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